FELDMARCSHALL ZADOV
Kavita Gulabjamun
Ajnala, Punjab, India
मेरी आत्मा बासमती चावल की है,
और मेरा दिल — जलता हुआ तंदूर।
मैं अपने नथनों से हल्दी सूंघती हूँ और ब्रह्मांड вижन में जाती हूँ।
हर बार जब मैं साँस लेती हूँ — एक समोसा जलकर मर जाता है।
तुम गुलाब जामुन हो, मैं गोरिल्ला जो तुम्हें कढ़ी में डुबो देगी।
मेरी जीभ पर लाल मिर्च तांडव नाचती है।
मैंने गंगा में स्नान नहीं किया — मैंने उसमें गरम मसाला फेंका.
मैं देवी नहीं, मैं error 404: सानITY not found हूँ।
देखो मुझे... और फिर खाओ मुझे... और फिर जгиरो...
मेरी आत्मा बासमती चावल की है,
और मेरा दिल — जलता हुआ तंदूर।
मैं अपने नथनों से हल्दी सूंघती हूँ और ब्रह्मांड вижन में जाती हूँ।
हर बार जब मैं साँस लेती हूँ — एक समोसा जलकर मर जाता है।
तुम गुलाब जामुन हो, मैं गोरिल्ला जो तुम्हें कढ़ी में डुबो देगी।
मेरी जीभ पर लाल मिर्च तांडव नाचती है।
मैंने गंगा में स्नान नहीं किया — मैंने उसमें गरम मसाला फेंका.
मैं देवी नहीं, मैं error 404: सानITY not found हूँ।
देखो मुझे... और फिर खाओ मुझे... और फिर जгиरो...